रे मन ! तू थकता नहीं है क्या ? पल में फूलों पर मँडराता पल में पेड़ों पर चढ़ जाता, रे मन ! तू थकता नहीं है क्या ? पल में फूलों पर मँडराता पल में पेड़ों पर...
और हँस-हँस कर जीने पर, कब पूरी हो चली, पता भी नहीं चली, रो कर कब तक हम इसे काटेंगे यारो, मुस्कर... और हँस-हँस कर जीने पर, कब पूरी हो चली, पता भी नहीं चली, रो कर कब तक हम इसे का...
बेगानी शादी में दीवाना, अब्दुल्लाह , अब नज़र नहीं आता। बेगानी शादी में दीवाना, अब्दुल्लाह , अब नज़र नहीं आता।
आँखों में आकाश उठाएँ मन से मन की जोड़ लगाएँ। आँखों में आकाश उठाएँ मन से मन की जोड़ लगाएँ।
जीवन अपना ना बेकार की सोचो में बर्बाद कर, जीवन अपना ना बेकार की सोचो में बर्बाद कर,
मेरे पास हैं तुम्हारे लिए प्रभु सवाल एक हज़ार। मेरे पास हैं तुम्हारे लिए प्रभु सवाल एक हज़ार।